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लो सोडियम, सोडियम फà¥à¤°à¥€ और अनसॉलà¥à¤Ÿà¥‡à¤¡ नमक में कà¥à¤¯à¤¾ है अंतर, जानें à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ से कौन-सा नमक खाना चाहिà¤
आजकल बाजार में लो सोडियम, सोडियम फà¥à¤°à¥€ और अनसॉलà¥à¤Ÿà¥‡à¤¡ फूडà¥à¤¸ आ गठहैं, जो आपके मन में à¤à¥€ कंफà¥à¤¯à¥‚जन पैदा कर सकते हैं कि कà¥à¤¯à¤¾ ये हेलà¥à¤¦à¥€ हैं या नहीं।
बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° आज के समय में सबसे खतरनाक बीमारियों में से à¤à¤• है। लोगों में बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ बढ़ने का à¤à¤• बड़ा कारण जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नमक वाले फूडà¥à¤¸ का सेवन करना है। नमक में सोडियम होता है, जो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को बढ़ा देता है। इसी को देखते हà¥à¤ मारà¥à¤•ेट में कई तरह के फूडà¥à¤¸ दिखने शà¥à¤°à¥‚ हो गठहैं, जिनके पैकेट पर लो सोडियम (Low Sodium), सोडियम फà¥à¤°à¥€ (Sodium Free) और अनसॉलà¥à¤Ÿà¥‡à¤¡ (Unsalted) लिखा होता है। इस तरह के फूड पैकेटà¥à¤¸ को देखकर अकà¥à¤¸à¤° लोग सोचते हैं कि ये बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के मरीजों के लिठहेलà¥à¤¦à¥€ होंगे। लेकिन कà¥à¤¯à¤¾ वाकई à¤à¤¸à¤¾ है? आइठजानते हैं आरोगà¥à¤¯ डाइट और नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¥€à¤¶à¤¨ कà¥à¤²à¥€à¤¨à¤¿à¤• की डायटीशियन डॉकà¥à¤Ÿà¤° सà¥à¤—ीता मà¥à¤Ÿà¤°à¥‡à¤œà¤¾ से।
दरअसल à¤à¤¾à¤°à¤¤ में बढ़ती हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ के कारण आजकल बहà¥à¤¤ से लोग नमक के हेलà¥à¤¦à¥€ विकलà¥à¤ª या कम सोडियम वाले फूडà¥à¤¸ को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ महतà¥à¤µ देने लगे हैं। कंपनियां à¤à¥€ लोगों को तरह-तरह के फायदे बताकर सोडियम फà¥à¤°à¥€, कम सोडियम और अनसॉलà¥à¤Ÿà¥‡à¤¡ नमक बेच रही हैं। आपके लिठयह जानना बेहद जरूरी है कि सोडियम फà¥à¤°à¥€ सॉलà¥à¤Ÿ, लो सोडियम, अनसॉलà¥à¤Ÿà¥‡à¤¡ और टेबल सॉलà¥à¤Ÿ वाले फूडà¥à¤¸ में कà¥à¤¯à¤¾ अंतर है ताकि, आप अपने सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° उपयà¥à¤•à¥à¤¤ नमक का सेवन कर सकें।Â
अगर हम पहले सामानà¥à¤¯ नमक या टेबल सॉलà¥à¤Ÿ की बात करें तो नमक का रासायनिक नाम सोडियम कà¥à¤²à¥‹à¤°à¤¾à¤‡à¤¡ है। इसका मतलब सामानà¥à¤¯ नमक सोडियम और कà¥à¤²à¥‹à¤°à¤¾à¤‡à¤¡ के मिशà¥à¤°à¤£ से बनता है। बिना सोडियम और कà¥à¤²à¥‹à¤°à¤¾à¤‡à¤¡ के नमक बन नहीं सकता है। अगर कंपनियां बिना सोडियम के नमक या सोडियम फà¥à¤°à¥€ नमक आपको बेच रही है तो, इसका सीधा सा मतलब है कि या तो वो नमक नहीं है, या फिर उसमें सोडियम की जानकारी छिपाई गई है। अब बात करते हैं मारà¥à¤•ेट में मौजूद तमाम तरह के नमक और उनमें मौजूद सोडियम की मातà¥à¤°à¤¾ के बारे में विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से।low-sodium-salt
सोडियम फà¥à¤°à¥€, लो सोडियम और नो-सॉलà¥à¤Ÿ फूडà¥à¤¸ का कà¥à¤¯à¤¾ है सच?
1. सोडियम फà¥à¤°à¥€Â
सोडियम फà¥à¤°à¥€ सॉलà¥à¤Ÿ का मतलब है, जिसमें सोडियम की मातà¥à¤°à¤¾ बिलà¥à¤•à¥à¤² नहीं होती। इसमें सोडियम की जगह पोटेशियम कà¥à¤²à¥‹à¤°à¤¾à¤‡à¤¡ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है लेकिन जैसा कि हम पहले ही जान चà¥à¤•े हैं कि बिना सोडियम और कà¥à¤²à¥‹à¤°à¥€à¤¨ के नमक नहीं बन सकता है तो सोडियम फà¥à¤°à¥€ नमक जैसी कोई चीज हो ही नहीं सकती है। फिर ये à¤à¤• अलग तरह का ततà¥à¤µ बन जाता है, जिसमें खारापन तो हो सकता है, लेकिन इसे नमक नहीं कहेंगे। दरअसल पोटेशियम के दाने à¤à¥€ सोडियम जैसे ही दिखते है और पोटेशियम की अपनी कोई महक नहीं होती है।
फायदे और नà¥à¤•सानÂ
डॉ सà¥à¤—ीता मà¥à¤Ÿà¤°à¥‡à¤œà¤¾ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, अगर सोडियम की जगह पोटेशियम के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² की बात करें तो यह à¤à¥€ बहà¥à¤¤ अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में उचित नहीं होता कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि सोडियम की तरह पोटेशियम की जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ à¤à¥€ हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के मरीजों के लिठअचà¥à¤›à¤¾ नहीं है। इसका à¤à¤• कारण तो यह है कि इससे अचानक वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° सामानà¥à¤¯ से कम हो सकता है, जो कि à¤à¤• और गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है। इसके अलावा इससे आपको फूड पà¥à¤µà¥‰à¤‡à¤œà¤¨à¤¿à¤‚ग à¤à¥€ हो सकती है। इसलिठबिना डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह के सोडियम फà¥à¤°à¥€ लिखे नमक का सेवन करने से बचें।
2. लो सोडियमÂ
लो सोडियम फूडà¥à¤¸ में सोडियम की कम मातà¥à¤°à¤¾ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है। आमतौर पर बाजार में जो लो-सोडियम नमक मौजूद हैं, उनमें सामानà¥à¤¯ नमक की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में 15% तक कम सोडियम होता है।Â
फायदे और नà¥à¤•सान
डॉकà¥à¤Ÿà¤° के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° वैसे लोग जिनका बीपी कà¥à¤› हद तक सही रहता है, वह रेगà¥à¤²à¤° चेकअप के साथ लो सोडियम नमक खा सकते हैं लेकिन इसमें à¤à¥€ आपको काफी सावधानी बरतने की जरूरत है। रोजाना सà¥à¤¬à¤¹ और शाम अपना बीपी जरूर चेक करें। अगर आपका बीपी बढ़ा हà¥à¤† हो तो, आपको लो-सोडियम नमक à¤à¥€ नहीं लेना चाहिठया अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° को जरूर दिखाना चाहिà¤à¥¤
3. अनसॉलà¥à¤Ÿà¥‡à¤¡ फूडà¥à¤¸
अà¤à¥€ तक हम नमक की बात कर रहे थे। मगर आजकल मारà¥à¤•ेट में कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ फूडà¥à¤¸ à¤à¥€ आ गठहैं, जिनमें खारापन तो होता है, लेकिन वे दावा करते हैं कि वो अनसॉलà¥à¤Ÿà¥‡à¤¡ हैं, यानी उनमें नमक का बिलà¥à¤•à¥à¤² इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² नहीं किया गया है। à¤à¤¸à¥‡ फूडà¥à¤¸ को अकà¥à¤¸à¤° हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के मरीज हेलà¥à¤¦à¥€ मानकर खाना शà¥à¤°à¥‚ कर देते हैं। लेकिन सचà¥à¤šà¤¾à¤ˆ ये है कि सोडियम सिरà¥à¤« नमक में नहीं होता है, बलà¥à¤•ि कà¥à¤› अनà¥à¤¯ इंगà¥à¤°à¥€à¤¡à¤¿à¤à¤‚टà¥à¤¸ में à¤à¥€ सोडियम की कà¥à¤› मातà¥à¤°à¤¾ हो सकती है। इसलिठअगर कोई वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ यह मानकर अनसॉलà¥à¤Ÿà¥‡à¤¡ फूडà¥à¤¸ खा रहा है कि उसे इससे सोडियम नहीं मिलेगा, तो संà¤à¤µ है कि वो गलत हो।
फायदे और नà¥à¤•सान
डॉकà¥à¤Ÿà¤° के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° आप अनसॉलà¥à¤Ÿà¥‡à¤¡ फूडà¥à¤¸ खा सकते हैं। बस आपको उसकी मातà¥à¤°à¤¾ का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना है। इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² के बाद अगर आपको किसी तरह की परेशानी हो तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें।
कौन-सा नमक है सही
दरअसल डॉ मà¥à¤Ÿà¤°à¥‡à¤œà¤¾ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, नमक की अधिक मातà¥à¤°à¤¾ हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° वाले लोगों के लिठखतरनाक होती है। इसके अलावा नमक के अधिक सेवन से शरीर में पानी सà¥à¤Ÿà¥‹à¤° होने लगता है, जिससे वजन à¤à¥€ बढ़ सकता है। अगर आपको हाई बीपी की समसà¥à¤¯à¤¾ है तो आप सामानà¥à¤¯ नमक या अनà¥à¤¯ किसी नमक की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में सेंधा या पिंक नमक का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकते हैं। हालांकि सेंधा नमक में आयोडीन नहीं होता है इसलिठअगर आप इसका सेवन कर रहे हैं, तो आपको आयोडीन की कमी पूरी करने के लिठकà¥à¤› अनà¥à¤¯ फूडà¥à¤¸ खाने चाहिठया अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करके इसका सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट लेना चाहिà¤à¥¤ सेंधा नमक की 4-5 गà¥à¤°à¤¾à¤® मातà¥à¤°à¤¾ हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के मरीज ले सकते हैं। इसके अलावा अगर आपका बीपी काफी बढ़ा हà¥à¤† रहता है तो आप इसकी मातà¥à¤°à¤¾ 2-3 गà¥à¤°à¤¾à¤® पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ के हिसाब से कर सकते हैं। यह आपके सेहत के लिठबहà¥à¤¤ फायदेमंद रहता है।
अगर आप अपना बीपी कंटà¥à¤°à¥‹à¤² में रखना चाहते हैं तो आप दिनà¤à¤° में से किसी à¤à¤• समय बिना नमक वाले आहार का सेवन करें। हो सके तो रात को समय नमक न खाà¤à¤‚। अगर आपको सिरà¥à¤« हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ है, और डायबिटीज नहीं है तो आप दूध , रोटी और गà¥à¤¡à¤¼ खा सकते हैं या फिर बिना नमक वाली सबà¥à¤œà¥€ à¤à¥€ खा सकते हैं। हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° वाले मरीजों को अपनी नमक की मातà¥à¤°à¤¾ का इसलिठà¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि बीपी की दवाओं में à¤à¥€ कà¥à¤› नमक की मातà¥à¤°à¤¾ होती है जो उनके लिठनà¥à¤•सानदायक हो सकती है। इसके अलावा बीपी के मरीज सà¥à¤¬à¤¹-शाम वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® या à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करें। अपने आपको खà¥à¤¶ रखें और किसी à¤à¥€ तरह का सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ होने पर अपना मनपंसद काम करने की कोशिश करें ताकि आप परेशान करने वाली बात के बारे में सोचें ही नहीं। जररूत पड़ने पर तà¥à¤°à¤‚त अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लें।Â
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