नमक और सोडियम में क्या अंतर है?HealthPlanet

Posted on Fri 9th Dec 2022 : 13:50

लो सोडियम, सोडियम फ्री और अनसॉल्टेड नमक में क्या है अंतर, जानें एक्सपर्ट से कौन-सा नमक खाना चाहिए

आजकल बाजार में लो सोडियम, सोडियम फ्री और अनसॉल्टेड फूड्स आ गए हैं, जो आपके मन में भी कंफ्यूजन पैदा कर सकते हैं कि क्या ये हेल्दी हैं या नहीं।

ब्लड प्रेशर आज के समय में सबसे खतरनाक बीमारियों में से एक है। लोगों में ब्लड प्रेशर की समस्या बढ़ने का एक बड़ा कारण ज्यादा नमक वाले फूड्स का सेवन करना है। नमक में सोडियम होता है, जो ब्लड प्रेशर को बढ़ा देता है। इसी को देखते हुए मार्केट में कई तरह के फूड्स दिखने शुरू हो गए हैं, जिनके पैकेट पर लो सोडियम (Low Sodium), सोडियम फ्री (Sodium Free) और अनसॉल्टेड (Unsalted) लिखा होता है। इस तरह के फूड पैकेट्स को देखकर अक्सर लोग सोचते हैं कि ये ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए हेल्दी होंगे। लेकिन क्या वाकई ऐसा है? आइए जानते हैं आरोग्य डाइट और न्यूट्रीशन क्लीनिक की डायटीशियन डॉक्टर सुगीता मुटरेजा से।

दरअसल भारत में बढ़ती हाई ब्लड प्रेशर की समस्या के कारण आजकल बहुत से लोग नमक के हेल्दी विकल्प या कम सोडियम वाले फूड्स को ज्यादा महत्व देने लगे हैं। कंपनियां भी लोगों को तरह-तरह के फायदे बताकर सोडियम फ्री, कम सोडियम और अनसॉल्टेड नमक बेच रही हैं। आपके लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि सोडियम फ्री सॉल्ट, लो सोडियम, अनसॉल्टेड और टेबल सॉल्ट वाले फूड्स में क्या अंतर है ताकि, आप अपने स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार उपयुक्त नमक का सेवन कर सकें। 

अगर हम पहले सामान्य नमक या टेबल सॉल्ट की बात करें तो नमक का रासायनिक नाम सोडियम क्लोराइड है। इसका मतलब सामान्य नमक सोडियम और क्लोराइड के मिश्रण से बनता है। बिना सोडियम और क्लोराइड के नमक बन नहीं सकता है। अगर कंपनियां बिना सोडियम के नमक या सोडियम फ्री नमक आपको बेच रही है तो, इसका सीधा सा मतलब है कि या तो वो नमक नहीं है, या फिर उसमें सोडियम की जानकारी छिपाई गई है। अब बात करते हैं मार्केट में मौजूद तमाम तरह के नमक और उनमें मौजूद सोडियम की मात्रा के बारे में विस्तार से।low-sodium-salt


सोडियम फ्री, लो सोडियम और नो-सॉल्ट फूड्स का क्या है सच?
1. सोडियम फ्री 

सोडियम फ्री सॉल्ट का मतलब है, जिसमें सोडियम की मात्रा बिल्कुल नहीं होती। इसमें सोडियम की जगह पोटेशियम क्लोराइड का इस्तेमाल किया जाता है लेकिन जैसा कि हम पहले ही जान चुके हैं कि बिना सोडियम और क्लोरीन के नमक नहीं बन सकता है तो सोडियम फ्री नमक जैसी कोई चीज हो ही नहीं सकती है। फिर ये एक अलग तरह का तत्व बन जाता है, जिसमें खारापन तो हो सकता है, लेकिन इसे नमक नहीं कहेंगे। दरअसल पोटेशियम के दाने भी सोडियम जैसे ही दिखते है और पोटेशियम की अपनी कोई महक नहीं होती है।

फायदे और नुकसान 

डॉ सुगीता मुटरेजा के अनुसार, अगर सोडियम की जगह पोटेशियम के इस्तेमाल की बात करें तो यह भी बहुत अधिक मात्रा में उचित नहीं होता क्योंकि सोडियम की तरह पोटेशियम की ज्यादा मात्रा भी हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए अच्छा नहीं है। इसका एक कारण तो यह है कि इससे अचानक व्यक्ति का ब्लड प्रेशर सामान्य से कम हो सकता है, जो कि एक और गंभीर स्थिति है। इसके अलावा इससे आपको फूड प्वॉइजनिंग भी हो सकती है। इसलिए बिना डॉक्टरी सलाह के सोडियम फ्री लिखे नमक का सेवन करने से बचें।


2. लो सोडियम 

लो सोडियम फूड्स में सोडियम की कम मात्रा का इस्तेमाल किया जाता है। आमतौर पर बाजार में जो लो-सोडियम नमक मौजूद हैं, उनमें सामान्य नमक की तुलना में 15% तक कम सोडियम होता है। 


फायदे और नुकसान

डॉक्टर के अनुसार वैसे लोग जिनका बीपी कुछ हद तक सही रहता है, वह रेगुलर चेकअप के साथ लो सोडियम नमक खा सकते हैं लेकिन इसमें भी आपको काफी सावधानी बरतने की जरूरत है। रोजाना सुबह और शाम अपना बीपी जरूर चेक करें। अगर आपका बीपी बढ़ा हुआ हो तो, आपको लो-सोडियम नमक भी नहीं लेना चाहिए या अपने डॉक्टर को जरूर दिखाना चाहिए।
3. अनसॉल्टेड फूड्स

अभी तक हम नमक की बात कर रहे थे। मगर आजकल मार्केट में कुछ ऐसे फूड्स भी आ गए हैं, जिनमें खारापन तो होता है, लेकिन वे दावा करते हैं कि वो अनसॉल्टेड हैं, यानी उनमें नमक का बिल्कुल इस्तेमाल नहीं किया गया है। ऐसे फूड्स को अक्सर हाई ब्लड प्रेशर के मरीज हेल्दी मानकर खाना शुरू कर देते हैं। लेकिन सच्चाई ये है कि सोडियम सिर्फ नमक में नहीं होता है, बल्कि कुछ अन्य इंग्रीडिएंट्स में भी सोडियम की कुछ मात्रा हो सकती है। इसलिए अगर कोई व्यक्ति यह मानकर अनसॉल्टेड फूड्स खा रहा है कि उसे इससे सोडियम नहीं मिलेगा, तो संभव है कि वो गलत हो।

फायदे और नुकसान

डॉक्टर के अनुसार आप अनसॉल्टेड फूड्स खा सकते हैं। बस आपको उसकी मात्रा का ध्यान रखना है। इस्तेमाल के बाद अगर आपको किसी तरह की परेशानी हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।


कौन-सा नमक है सही

दरअसल डॉ मुटरेजा के अनुसार, नमक की अधिक मात्रा हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों के लिए खतरनाक होती है। इसके अलावा नमक के अधिक सेवन से शरीर में पानी स्टोर होने लगता है, जिससे वजन भी बढ़ सकता है। अगर आपको हाई बीपी की समस्या है तो आप सामान्य नमक या अन्य किसी नमक की तुलना में सेंधा या पिंक नमक का इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि सेंधा नमक में आयोडीन नहीं होता है इसलिए अगर आप इसका सेवन कर रहे हैं, तो आपको आयोडीन की कमी पूरी करने के लिए कुछ अन्य फूड्स खाने चाहिए या अपने डॉक्टर से बात करके इसका सप्लीमेंट लेना चाहिए। सेंधा नमक की 4-5 ग्राम मात्रा हाई ब्लड प्रेशर के मरीज ले सकते हैं। इसके अलावा अगर आपका बीपी काफी बढ़ा हुआ रहता है तो आप इसकी मात्रा 2-3 ग्राम प्रतिदिन के हिसाब से कर सकते हैं। यह आपके सेहत के लिए बहुत फायदेमंद रहता है।

अगर आप अपना बीपी कंट्रोल में रखना चाहते हैं तो आप दिनभर में से किसी एक समय बिना नमक वाले आहार का सेवन करें। हो सके तो रात को समय नमक न खाएं। अगर आपको सिर्फ हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है, और डायबिटीज नहीं है तो आप दूध , रोटी और गुड़ खा सकते हैं या फिर बिना नमक वाली सब्जी भी खा सकते हैं। हाई ब्लड प्रेशर वाले मरीजों को अपनी नमक की मात्रा का इसलिए भी ध्यान रखना चाहिए क्योंकि बीपी की दवाओं में भी कुछ नमक की मात्रा होती है जो उनके लिए नुकसानदायक हो सकती है। इसके अलावा बीपी के मरीज सुबह-शाम व्यायाम या एक्सरसाइज करें। अपने आपको खुश रखें और किसी भी तरह का स्ट्रेस होने पर अपना मनपंसद काम करने की कोशिश करें ताकि आप परेशान करने वाली बात के बारे में सोचें ही नहीं। जररूत पड़ने पर तुरंत अपने डॉक्टर से सलाह लें। 

 

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